शनिवार, 27 जनवरी 2018

दुआओं का ताबीज़ !!!!

दुआओं का ताबीज़
डाला है माँ ने
गले में बचपन से
हर मुश्किल
बस खफ़ा होकर
गुज़र जाती है !!

सोमवार, 8 जनवरी 2018

सपनों के लिये !!!

क्या आती है
तुम्हे सपनो के लिये
खरीदनी कोई उम्मीद
क्या तुमने लगाई है
किसी सपने को
सोफि़याई क्रीम
नहीं ना तो कैसे पूरे होंगे
तुम्हारे सपने
उनका जतन करना सीखो
जिस दिन
तुम प्यार से उन्हें
सहेज़ना सीख जाओगे
यकीं मानो तुम्हारे सपने
अपने आप पूरे हो जाएंगे !!!

सोमवार, 1 जनवरी 2018

नूतन वर्ष !!!

नूतन वर्ष
दस्तक़ देता द्वार
स्वागत करो !
..
अभिनन्दन
नववर्ष का हुआ
हुई रौशनी !
..
नव प्रभात
नूतन दिवस की
हर्षित मन !
...
नव वर्ष की
नई सुबह आई
उम्मीदों संग !

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

लेखकों का गोत्र !!!!

मन में विचारों की आँधी चली,
लेखक का जीवन खंगाला गया
धर्म की पड़ताल हुई
गोत्र पर भी चर्चा हुई
तो पाया बस इतना ही कि
सारे लेखकों का
गोत्र एक ही होता है
धर्म उनका सदा लेखन होता है !
....
मित्रता कलम से होती है
जो अपनी नोक़ से
कभी वार करती है तो
कभी बस फैसला आर-पार करती है
हर युग में लेखक
अपने धर्म का बड़ी निष्‍ठा से
पालन करता रहा
सच को सच, झूठ को झूठ, लिखता रहा
जाने कितनो का मार्गदर्शक बन
मन का मन से वो
संवाद करता रहा !!
....
कोरे पन्‍नों पर होती कभी
अंतस की पीड़ा
कभी जीवन की छटपटाहट तो
कभी बस वो हो जाता साधक
जागता रातों को
शब्‍दों का आवाह्न करता
पर धर्म से अपने कभी न डिगता
किसी पात्र को जीता है जब कोई लेखक
बिल्‍कुल उस जैसा हो जाता है
ना नर होता है नारी
वो तो होता है बस लेखक
जो विचारों की अग्नि में देता है आहुति
अपने दायित्‍वों की
लेखनी को अपनी पावन करता है
जब भी किसी की पीड़ा को
शब्‍दों से अपने वो जीवनदान देता है !!!
... 

शनिवार, 23 दिसंबर 2017

दोनों ही गूंगे !!!!

झगड़ पड़े सच और झूठ
तक़रार जब 
हद से ज्यादा होने लगी 
तभी जीभ बोली
किस बात का अहम है तुम्हें
मैं न होती तो 
तुम दोनों ही गूंगे होते !!!!

...

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....