शनिवार, 7 अक्तूबर 2017

सिक्के मुस्कराहटों के !!!!

मैंने टांक दिया है आज फ़िर
तेरे खामोश लिबास पे
हँसी की जेब को
जिसमें कुछ सिक्के भी
रख छोड़े हैं मुस्कराहटों के
जो तुम्हें चाह कर भी
खिलखिलाने से नहीं रोक पाएंगे !!

बुधवार, 4 अक्तूबर 2017

नमक तेरी वफ़ा का !!


कुछ पाक़ीज़ा से रिश्‍ते 
जिनकी सरपरस्‍ती के लिये 
दुआ़ जब भी निकलती 
सर पे कफ़न बाँध के 
ये कहते हुए 
मु‍मकि़न हो के न हो 
पूरा कर के लौटूंगी
तेरी ख्‍वा़हिश मेरे मौला !
... 
तबस्‍सुम की गली 
मिला दर्द अंजाना सा तो 
बढ़ा दी हथेलियाँ मैने 
ओक़ में, 
बस आँसू थे ज़ानां 
कुछ नमक मिला था इनमें 
सलीक़े का इस क़दर 
बस लबों को खारापन दे गये 
इस उम्‍मीद के साथ 
जब भी इनका जि़क्र होगा 
तेरा नाम न अाने देंगे 
सिहर गई पी के जिंदगी इनको
और एक वादा किया 
ये नमक तेरी वफ़ा का 
ता-उम्र दिल में छिपा के रखेगी !!!!
... 

शनिवार, 16 सितंबर 2017

जीवन की विरासत !!!

तुम सम्बन्धों को समझते हो
तभी तो सारी मुश्किलों को
हँसते हँसते हल करते हो !
...
वैभव से कहा था तुमने
अभिमान मत करो
खुद पर ...
जिस दिन धरा या गगन
अभिमान कर लेंगे
तुम्हें सर छिपाने के लिए
एक कण नसीब नहीं होगा
शानों-शौक़त सब धरे रह जायेंगे !!
....
मानव का सम्बन्ध
प्रकृति से हो या अपनों से
निश्छल होकर ही
इस जीवन की विरासत को
संवारा जा सकता है !!! 

शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

तर्पण मेरा इस पितृपक्ष मे !!!


पापा ये पितृपक्ष
आता है जब
मैं हरदिन
तर्पण करती हूँ
ये सोच के
आप दूर जाकर भी
नहीं जा पाये मन से
मेरी अँजुरी में जल के साथ ही
समाहित है अश्रुजल की बूंदें भी
करुण पुकार ह्रदय की
श्रद्धा से अर्पित आपको !
...
जल में पल छिन यादों के
ये तिल स्वरूप
आपके निमित्त किये
श्रद्धा से जो किया जाये
वो आप तक पहुँचता है
समर्पित है आपको
भावों भरा तर्पण मेरा
इस पितृपक्ष मे !!!

मंगलवार, 5 सितंबर 2017

समय सबसे बड़ा शिक्षक !!!

गुरू के रूप अनेक हैं
माता-पिता
भाई बन्धु सखा
पर समय
सबसे बड़ा शिक्षक है
जाने कितना कुछ सिखाता है
उसे भी नमन _/\_
आज के दिन
जिसने ये अवसर दिया
ज्ञान अर्जित किया है
जिस किसी से भी
छोटा हो या बड़ा
उसे स्वीकारो 😊
और सहज रहो !!

ब्लॉग आर्काइव

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....